Patna NEET student case:
पटना, एजेंसियां। पटना में रहकर नीट की तैयारी कर रही जहानाबाद की छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में बिहार सरकार ने जांच सीबीआई को सौंपने की सिफारिश की है। इस फैसले के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सरकार के इस कदम पर कड़ा हमला बोलते हुए इसे बिहार के “भ्रष्ट, अयोग्य और समझौतावादी प्रशासनिक तंत्र” की असफलता करार दिया है।
तेजस्वी ने कहा
तेजस्वी यादव ने शनिवार को जारी अपने बयान में कहा कि एक गंभीर दुष्कर्म और हत्या जैसे मामले को सुलझाने में राज्य पुलिस की नाकामी साफ दिखती है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार सरकार अपने तंत्र की विफलता छिपाने के लिए सीबीआई जांच की सिफारिश कर रही है। तेजस्वी ने कहा, “यह न्याय की दिशा में कदम नहीं, बल्कि हेडलाइन मैनेजमेंट है, ताकि राज्य में ध्वस्त कानून-व्यवस्था से ध्यान हटाया जा सके।”
उन्होंने एनडीए सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मंत्री और मुख्यमंत्री अपराधियों को पकड़ने के बड़े-बड़े दावे करते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। तेजस्वी ने नवरुणा कांड जैसे पुराने मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि सीबीआई कई मामलों में वर्षों तक आरोपियों को पकड़ने में नाकाम रही है और जांच तक बंद हो गई।
नेता प्रतिपक्ष ने उठाया सवाल
नेता प्रतिपक्ष ने सवाल उठाया कि चुनाव के समय “जंगलराज” का शोर मचाने वाले अब कहां हैं और बिहार की खराब कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी कौन लेगा। उन्होंने आशंका जताई कि इस मामले का हश्र भी अन्य लंबित मामलों जैसा हो सकता है।
क्या है मामला?
गौरतलब है कि इस केस की जांच पहले एसआईटी कर रही थी और कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया गया था। शुक्रवार को मृतका के परिजनों ने डीजीपी से मुलाकात की थी। इसके बाद शनिवार को उपमुख्यमंत्री सह गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया के जरिए जानकारी दी कि राज्य सरकार ने सीबीआई जांच की अनुशंसा की है। इस फैसले के बाद से ही बिहार की राजनीति गरमा गई है।


















