महागठबंधन की बढ़ी मुश्किलें, बिहार में चंद्र शेखर आज़ाद की पार्टी मैदान

Anjali Kumari
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Chandra Shekhar Azad:

पटना, एजेंसियां। बिहार विधानसभा चुनाव में इस बार मुकाबला त्रिकोणीय होने के आसार हैं। उत्तर प्रदेश के भीम आर्मी प्रमुख और नगीना सांसद चंद्रशेखर आज़ाद की आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने ऐलान किया है कि पार्टी बिहार की 100 विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी। यह घोषणा बुधवार को पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जौहर आज़ाद ने की।

उन्होंने बताया कि इन 100 में से 60 सीटों पर विधानसभा प्रभारी नियुक्त किए जा चुके हैं, जबकि बाकी पर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। पार्टी ने दावा किया है कि इन सीटों में से 46 पर सीधा मुकाबला महागठबंधन से होगा।

दलित वोट बैंक में सेंध की तैयारी

विशेषज्ञों के मुताबिक आजाद समाज पार्टी की इस एंट्री से महागठबंधन, खासकर राजद (RJD) को नुकसान हो सकता है। पार्टी का फोकस दलित वोट बैंक, खासकर रविदास समाज पर है, जो अब तक माले, मायावती और राजद के कोर वोटर माने जाते रहे हैं। वरिष्ठ पत्रकार संतोष कुमार का कहना है कि अगर चंद्रशेखर 500 से 1000 वोट भी काटने में सफल हुए, तो कई सीटों का गणित बदल सकता है।

लोजपा का पलटवार, कहा- फर्क नहीं पड़ेगा

इस राजनीतिक दावे पर लोजपा (रामविलास) ने पलटवार करते हुए कहा कि इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ेगा। पार्टी प्रवक्ता शशि भूषण प्रसाद ने दावा किया कि दलित समाज पूरी तरह चिराग पासवान के साथ है और चिराग ही इस समय सबसे बड़े दलित नेता बनकर उभरे हैं।

एनडीए को नहीं होगा सीधा नुकसान

राजनीतिक विश्लेषकों का यह भी मानना है कि एनडीए को आज़ाद समाज पार्टी से कोई सीधा नुकसान नहीं होगा, क्योंकि रविदास वोटर और पासवान वोटर के राजनीतिक झुकाव अलग-अलग हैं। एनडीए का परंपरागत वोट बैंक फिलहाल सुरक्षित माना जा रहा है।

21 जुलाई को राष्ट्रीय अधिवेशन

पार्टी ने घोषणा की है कि 21 जुलाई को पटना में एक राष्ट्रीय अधिवेशन आयोजित किया जाएगा, जिसमें खुद चंद्रशेखर आज़ाद मौजूद रहेंगे और बिहार चुनाव के लिए अंतिम रणनीति का ऐलान करेंगे।

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