Hamara Bihar-Hamara Sadak:
पटना, एजेंसियां। बिहार के ग्रामीण इलाकों की सड़कों को बेहतर बनाए रखने के लिए ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा तैयार किया गया ‘हमारा बिहार-हमारी सड़क’ मोबाइल ऐप ग्रामीण संपर्क मार्गों के लिए नई उम्मीद साबित हो रहा है। इस ऐप के जरिए न केवल ग्रामीण सड़कों की मॉनिटरिंग की जा रही है, बल्कि स्थानीय लोग सीधे शिकायत दर्ज कराकर समस्याओं का समाधान भी पा रहे हैं।
Hamara Bihar-Hamara Sadak: शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता
ग्रामीण कार्य विभाग के अनुसार, ऐप के माध्यम से पिछले आठ महीनों में ग्रामीणों द्वारा कुल 1238 शिकायतें दर्ज कराई गईं, जिनमें से 1072 का निपटारा किया जा चुका है। शेष 166 शिकायतों पर कार्रवाई जारी है। इससे सड़कों के रख-रखाव में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हुई है।
Hamara Bihar-Hamara Sadak: मुख्यमंत्री ने किया था लोकार्पण
इस ऐप का लोकार्पण मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पिछले दिसंबर माह में किया था। लॉन्चिंग के बाद से विभागीय अधिकारियों और अभियंताओं को सड़कों की स्थिति की वास्तविक समय पर जानकारी मिल रही है। ऐप गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है और कोई भी नागरिक इसमें गड्ढे, क्षतिग्रस्त किनारे या अन्य समस्याओं की तस्वीर अपलोड कर सकता है।
Hamara Bihar-Hamara Sadak: 65 हजार किमी सड़कें सूचीबद्ध
ऐप में राज्य के सभी 534 प्रखंडों की करीब 65 हजार किलोमीटर ग्रामीण सड़कों की सूची उपलब्ध है। इसके चलते न केवल मुख्य मार्ग बल्कि गांवों के अंदरूनी रास्तों की भी तस्वीर बदल रही है।
Hamara Bihar-Hamara Sadak: नई योजनाओं से मजबूत हो रही कनेक्टिविटी
ग्रामीण संपर्क को और मजबूत बनाने के लिए अतिरिक्त सुलभ संपर्क योजना और टोला संपर्क योजना के तहत भी सड़क निर्माण जारी है। इन योजनाओं से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिल रही है और राज्य के बुनियादी ढांचे को मजबूती प्रदान हो रही है।
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