Bihar Rural Roads:
पटना, एजेंसियां। बिहार ने पिछले 20 वर्षों में ग्रामीण सड़क निर्माण के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। ग्रामीण सड़कें सतत विकास लक्ष्यों (SDG) को प्राप्त करने में अहम भूमिका निभाती हैं और ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास को बढ़ावा देती हैं। राज्य में इस दौरान ग्रामीण सड़कों का नेटवर्क 8,000 किलोमीटर से बढ़कर 1,19,000 किलोमीटर से अधिक हो गया है। इस पहल से न केवल गांवों को शहरों से जोड़ने में सुविधा मिली है, बल्कि गांवों के बीच की दूरी भी काफी कम हुई है।
राज्य के ग्रामीण कार्य विभाग
राज्य के ग्रामीण कार्य विभाग ने इस अवधि में 2,560 पुलों का निर्माण भी कराया है, जिससे 1,20,000 से अधिक ग्रामीण बसावटों को बारहमासी सड़क संपर्क मिला है। इन सड़कों के कारण ग्रामीण इलाकों में हर मौसम में यातायात व्यवस्था सुचारू रूप से चल रही है। सड़क क्रांति ने ग्रामीण संपर्क में सुधार के साथ-साथ बुनियादी ढांचे को भी मजबूत किया है।
ग्रामीण पथ अनुरक्षण नीति-2018 के तहत कुल 36,894 किलोमीटर सड़कों का रख-रखाव किया गया है। इसके अलावा, 12,500 नई ग्रामीण सड़कों का निर्माण प्रगति पर है और 1,791 नए ग्रामीण पुलों का निर्माण कार्य भी तेजी से पूरा किया जा रहा है।
नेटवर्क का ग्रामीण अर्थव्यवस्था
इस सड़क नेटवर्क का ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य मिलने लगा है और नए उद्योगों की स्थापना के साथ व्यापार में भी वृद्धि हुई है। पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की संख्या बढ़ी है, जिससे राज्य के आर्थिक विकास को भी मजबूती मिली है। इन सुधारों के परिणामस्वरूप बिहार में प्रति व्यक्ति आय में 700 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है।
ग्रामीण सड़कों के इस मजबूत नेटवर्क ने बिहार को न केवल भौगोलिक रूप से बल्कि आर्थिक और सामाजिक रूप से भी सुदृढ़ बनाया है, जिससे राज्य की ग्रामीण आबादी शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार तक आसानी से पहुंच पा रही है।
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