Former minister Khurshid Alam:
बेतिया, एजेंसियां। पूर्व मंत्री और सिकटा विधानसभा से विधायक रहे खुर्शीद आलम ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा कि इस बार वह निर्दलीय ही चुनाव लड़ेंगे और किसी भी राजनीतिक पार्टी से टिकट स्वीकार नहीं करेंगे। उनका कहना है कि “पार्टी हमसे है, हम पार्टी से नहीं।”
खुर्शीद आलम ने बताया
खुर्शीद आलम ने बताया कि उन्हें कई पार्टियों से चुनाव लड़ने के लिए प्रस्ताव आए थे, लेकिन उन्होंने सभी को इंकार कर दिया। उनका यह भी कहना था कि उनकी पहचान और जनाधार पार्टी से नहीं, बल्कि जनता से जुड़ा है। इस बयान के बाद क्षेत्र में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
पूर्व मंत्री ने अगस्त महीने से की सिकटा विधानसभा
पूर्व मंत्री ने अगस्त महीने से ही सिकटा विधानसभा में पदयात्रा शुरू की थी। इस दौरान वह सगरउवा पंचायत सहित कई गांवों का दौरा कर चुके हैं। लोगों ने उनका जोरदार स्वागत किया और उन्हें अपनी समस्याएं बताईं। खुर्शीद आलम ने जनता से किए गए संवाद में कहा कि उन्हें क्षेत्र के लोगों का बहुत स्नेह और समर्थन मिला है। उन्होंने आश्वासन दिया कि उनकी प्राथमिकता जनता की समस्याओं का समाधान करना और क्षेत्र के विकास को आगे बढ़ाना है।
खुर्शीद आलम
खुर्शीद आलम का यह कदम राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि निर्दलीय चुनाव लड़ने का निर्णय उनके व्यक्तित्व और जनता से सीधे जुड़ाव को दर्शाता है। क्षेत्रवासियों के अनुसार, उनका लगातार क्षेत्र में रहकर जनता से संवाद करना और उनकी समस्याओं को सुनना उनके प्रति विश्वास और समर्थन को बढ़ा रहा है।
इस बार चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार खुर्शीद आलम के सामने कौन-कौन सी पार्टियां चुनौती देंगी, यह देखना महत्वपूर्ण होगा। लेकिन उनके जनाधार और जनता से सीधे जुड़ाव के कारण उन्हें चुनाव में मजबूती का लाभ मिलने की संभावना जताई जा रही है।
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