Maha Abhiyan: राजस्व महा अभियान के बीच कर्मचारियों का विरोध, वेतन और सेवा शर्तों पर हंगामा

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Maha Abhiyan:

पटना, एजेंसियां। बिहार में आज से शुरू हुए राजस्व महा अभियान के बीच, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के कर्मचारियों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया है। अमीन, कानूनगो, सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी, और लिपिक समेत सैकड़ों कर्मी गर्दनीबाग धरनास्थल पर इकट्ठा हो गए और अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे हैं।

इन कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने पिछले पांच सालों में सरकार के महत्वपूर्ण विशेष सर्वेक्षण योजना को सफलतापूर्वक पूरा किया, लेकिन अब सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही। इन कर्मियों ने नीतीश सरकार पर आरोप लगाया कि उन्हें पिछले तीन महीने से वेतन नहीं मिला है और उनका वेतन भी समय से नहीं मिल रहा है। अमीनों का वेतन 35 हजार रुपये है, लेकिन वह भी तय समय पर नहीं मिलता। कर्मियों का कहना है कि वेतन की वजह से उनका घर चलाना मुश्किल हो गया है।

कर्मचारियों की प्रमुख मांगें:

विशेष सर्वेक्षण से जुड़े कर्मचारियों की सेवा को नियमित किया जाए और उनकी आयु सीमा 60 वर्ष की जाए। उन्हें सहायक अभियंता (AE), कनीय अभियंता (JE) और उत्पवर्गीय लिपिक (UDC) जैसे पदों पर नियमित नियुक्ति दी जाए और उनके कार्य अनुभव के आधार पर उन्हें 5 अंक की अधिमानता दी जाए कर्मचारियों को ESIC कार्ड और EPFO में सरकार की तरफ से अंशदान प्रदान किया जाए।

प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर उनकी आवाज़ नहीं सुनी गई तो वे और सख्त कदम उठाएंगे।

राजस्व महा अभियान के तहत

आज से शुरू हुए राजस्व महा अभियान के तहत बिहार सरकार ने राज्य के सभी अंचल के पंचायतों में दो-दो शिविर लगाने की योजना बनाई है, जिसमें अमीनों को लैपटॉप के साथ काम करने का निर्देश दिया गया है। लेकिन, प्रदर्शन कर रहे कर्मचारी इस आदेश का पालन करने को तैयार नहीं हैं और इसे लेकर उनके बीच नाराजगी जताई गई है। राज्य सरकार को इन कर्मचारियों की शिकायतों पर जल्द कार्रवाई करने की आवश्यकता है, क्योंकि यह राज्य के विकास और प्रशासनिक कार्यों में गंभीर असर डाल सकता है।

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