BJP taunts Grand Alliance:
पटना, एजेंसियां। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए महागठबंधन द्वारा जारी किए गए घोषणा पत्र पर अब सियासी जंग तेज हो गई है। मंगलवार को तेजस्वी यादव द्वारा पेश किए गए इस ‘प्रण पत्र’ को लेकर एनडीए और बीजेपी ने इसे खोखला और भ्रामक करार दिया है। बुधवार को बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश पासवान ने पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि, “यह प्रण पत्र नहीं, बिहार का प्राण पत्र है, जो राज्य की आत्मा को खत्म करने वाला दस्तावेज है।”
पासवान ने कहा:
पासवान ने कहा कि महागठबंधन का घोषणापत्र विजन नहीं, बल्कि डिवीजन पर आधारित है। उन्होंने तेजस्वी यादव पर हमला करते हुए कहा, “आप कह रहे हैं कि वक्फ संशोधन को निरस्त करेंगे लेकिन क्या आपको अपनी संवैधानिक सीमाओं का अंदाजा नहीं है? केंद्र के कानून को राज्य सरकार कैसे निरस्त कर सकती है? यह तो संविधान की मूल भावना के खिलाफ है।”
बीजेपी प्रवक्ता ने तेजस्वी यादव पर परिवारवाद और राजनीतिक विरोधाभास का आरोप लगाते हुए कहा, “पहले पिता लालू यादव को पोस्टर से गायब किया, फिर घोषणा पत्र से, और अब उनके विचारों को मिटाने की कोशिश कर रहे हैं। लालू यादव खुद वक्फ संपत्तियों के दुरुपयोग पर सवाल उठा चुके थे।”
“हर घर एक नौकरी”
तेजस्वी के “हर घर एक नौकरी” के वादे पर गुरु प्रकाश ने तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा, “अगर बिहार के 2.6 करोड़ परिवारों को नौकरी देंगे और औसतन ₹30,000 महीना देंगे, तो बजट करीब 12 लाख करोड़ चाहिए होगा जबकि बिहार का कुल बजट केवल 3.25 लाख करोड़ है। क्या पेड़ पर पैसा उगाने की योजना है? बिना रोडमैप के सिर्फ हवाबाजी हो रही है।”
पासवान ने कहा कि महागठबंधन का घोषणापत्र जनता को भ्रमित करने वाला और आर्थिक रूप से असंभव है। उन्होंने दावा किया कि बिहार की जनता ठोस काम और स्थिर सरकार चाहती है, न कि खोखले वादे।
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