Ration Shops Bihar
पटना, एजेंसियां। बिहार सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। राज्य में बढ़ती आबादी और राशनकार्ड धारकों की संख्या को देखते हुए खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने कुल 4942 नई सरकारी राशन दुकानों की डीलरशिप देने का फैसला किया है। इस फैसले से शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में गरीब और जरूरतमंद परिवारों को सस्ता अनाज आसानी से उपलब्ध हो सकेगा।
पहले चरण में 2583 दुकानों का विज्ञापन
विभाग ने पहले चरण में 2583 नई राशन दुकानों के लिए विज्ञापन जारी किया था, जिसके लिए अब तक 13,794 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। अधिकारियों के अनुसार शेष 2359 दुकानों के लिए जल्द ही अलग से विज्ञापन निकाला जाएगा। सभी दुकानों के संचालन में आने के बाद पीडीएस व्यवस्था को और अधिक सरल, सुलभ और पारदर्शी बनाया जाएगा।
नई दुकानों की जरूरत क्यों पड़ी
सरकारी मानकों के अनुसार शहरी क्षेत्र में 1350 और ग्रामीण क्षेत्र में 1900 राशनकार्ड धारकों पर एक राशन दुकान होनी चाहिए। लेकिन कई जिलों में कार्डधारकों की संख्या इस सीमा से अधिक हो गई है, जिससे दुकानों पर भीड़ और लंबी कतारें लग रही थीं। नई दुकानों के खुलने से यह समस्या काफी हद तक दूर होगी।
पटना में सबसे अधिक दुकानें प्रस्तावित
राजधानी पटना में 435 नई राशन दुकानों की योजना बनाई गई है, जो राज्य में सबसे अधिक है। इसके अलावा मुजफ्फरपुर (356), भागलपुर (336), पूर्णिया (320), मधुबनी (248), रोहतास (245), पश्चिम चंपारण (242), गया (240), सीवान (229), सीतामढ़ी (196) और कटिहार (191) जिलों में भी बड़ी संख्या में नई दुकानों को मंजूरी दी गई है।
कुछ जिलों में प्रक्रिया पूरी
पश्चिम चंपारण में सभी 242 दुकानों की नियुक्ति पूरी कर ली गई है। वहीं बांका, बेगूसराय, नालंदा, भोजपुर, अररिया और सारण में फिलहाल नई दुकानों की आवश्यकता नहीं पाई गई है।
राशनकार्ड सत्यापन अभियान
सरकार 17 से 30 दिसंबर तक विशेष सत्यापन अभियान चलाएगी, जिसमें आधार सीडिंग और फर्जी राशनकार्डों की जांच की जाएगी, ताकि योजनाओं का लाभ सही लाभार्थियों तक पहुंचे।








