Bihar new bus stops
पटना, एजेंसियां। बिहार में ग्रामीण सड़कों को जिला मुख्यालयों से जोड़ने और परिवहन सुविधा को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार बड़े पैमाने पर नए बस स्टॉप और बस पड़ाव बना रही है। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण यात्रियों को धूप, बारिश और ठंड से राहत देना तथा सुरक्षित और सुविधाजनक सफर उपलब्ध कराना है। इसके तहत राज्यभर में 1582 बस स्टॉप बनाए जाने हैं, जिनमें से अब तक 1026 का निर्माण पूरा हो चुका है और 231 पर काम जारी है।
अतिक्रमण बना सबसे बड़ी बाधा
हालांकि जमीनी स्तर पर हालात उम्मीद के मुताबिक नहीं हैं। पटना समेत कई जिलों में पुराने और नए दोनों तरह के बस स्टॉप अतिक्रमण की चपेट में हैं। कहीं फल-सब्जी की दुकानें लग गई हैं तो कहीं अवैध पार्किंग के कारण बसों को रुकने की जगह नहीं मिलती। मजबूरी में बसें सड़क पर रुकती हैं और यात्रियों को भी सड़क पर खड़ा रहना पड़ता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।
करोड़ों खर्च, लेकिन फायदा अधूरा
परिवहन विभाग के अनुसार, एक बस स्टॉप पर औसतन 1.90 लाख से लेकर 4.72 लाख रुपये तक खर्च हो रहे हैं। राज्य में पहले से बने 150 से अधिक बस स्टॉप पर अतिक्रमण हो चुका है, जहां बसें रुकती ही नहीं। इससे सरकारी खर्च पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
सुविधाएं हैं, लेकिन रखरखाव नहीं
सरकार नए बस स्टॉप पर छत, बैठने की व्यवस्था, रोशनी, दिव्यांगों के लिए सुविधा और आपातकालीन नंबर उपलब्ध कराने का दावा कर रही है। सड़क सुरक्षा से जुड़ी जानकारियां भी लगाई जा रही हैं, लेकिन अतिक्रमण के कारण ये सुविधाएं बेअसर साबित हो रही हैं।
यात्रियों की मांग
यात्रियों का कहना है कि सिर्फ निर्माण काफी नहीं है। जब तक अतिक्रमण हटाने और नियमित निगरानी की व्यवस्था नहीं होगी, तब तक बस स्टॉप का असली लाभ नहीं मिल पाएगा। लोगों ने सरकार से सख्त कार्रवाई और बेहतर रखरखाव की मांग की है।


















