Bihar cabinet meeting November 25:
पटना, एजेंसियां। बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की नई सरकार के गठन के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 25 नवंबर को अपनी पहली कैबिनेट बैठक करेंगे। यह बैठक मंगलवार की सुबह 11 बजे आयोजित होगी। माना जा रहा है कि इस बैठक में नई विधानसभा का पहला सत्र बुलाने के प्रस्ताव पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी। नई सरकार के एजेंडे और प्रशासनिक प्राथमिकताओं को देखते हुए बैठक को विशेष रूप से अहम माना जा रहा है।
कई महत्वपूर्ण फैसलों की उम्मीद
सूत्रों के अनुसार, पहली कैबिनेट बैठक में कई प्रमुख फैसले लिए जा सकते हैं, जिनका सीधा असर राज्य की प्रशासनिक और विधायी गतिविधियों पर पड़ेगा। संभावित विशेष सत्र और अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों के मद्देनजर राज्य सरकार पहले से ही प्रशासन को अलर्ट मोड में रखे हुए है।
पटना के जिलाधिकारी द्वारा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला, अनुमंडल और प्रखंड-स्तर के सभी पदाधिकारियों, तकनीकी अधिकारियों और पर्यवेक्षकों के अवकाश पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। यह रोक विधानसभा के संभावित सत्र की समाप्ति तक लागू रहेगी। अधिकारियों को केवल विशेष परिस्थिति में ही छुट्टी की अनुमति मिलेगी और इसके लिए उन्हें कारण सहित आवेदन वरीय अधिकारियों के माध्यम से डीएम कार्यालय में प्रस्तुत करना होगा।
मंत्रियों को विभागों का बंटवारा पूरा:
इसी बीच, 21 नवंबर को नई सरकार में मंत्रियों को विभागों का आवंटन कर दिया गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास सामान्य प्रशासन, मंत्रिमंडल सचिवालय, निगरानी, निर्वाचन और वे सभी विभाग रहेंगे जो किसी मंत्री को आवंटित नहीं किए गए हैं। इस बार उनका पास गृह विभाग नहीं रखा गया है।
गृह विभाग की जिम्मेदारी उपमुख्यमंत्री और बीजेपी नेता सम्राट चौधरी को सौंपी गई है। यह कदम राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि गृह विभाग राज्य की कानून-व्यवस्था का आधार है।



