Bullet train in Bihar: बिहार में 300 की रफ्तार से दौड़ेगी बुलेट ट्रेन, वाराणसी–पटना–सिलीगुड़ी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर का सर्वे अप्रैल से

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Bullet train in Bihar

पटना, एजेंसियां। बिहार और पूर्वी भारत के लिए बड़ी रेल परियोजना जमीन पर उतरने की तैयारी में है। वाराणसी–पटना–सिलीगुड़ी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर के लिए अप्रैल 2026 से सर्वे कार्य शुरू किया जाएगा। यह कॉरिडोर केंद्र सरकार द्वारा घोषित देश के सात नए हाई स्पीड रेल कॉरिडोर में से एक है। इस रूट पर बुलेट ट्रेन 300 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार से दौड़ेगी।

750 किलोमीटर लंबा हाई स्पीड रेल कॉरिडोर वाराणसी से सिलीगुड़ी तक बनेगा

करीब 750 किलोमीटर लंबा यह हाई स्पीड रेल कॉरिडोर वाराणसी से सिलीगुड़ी तक बनेगा और पटना से होकर गुजरेगा। मार्च 2026 में नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) द्वारा सर्वे कमेटी का गठन किया जाएगा, जिसके बाद अप्रैल से एलाइनमेंट सर्वे शुरू होगा। सर्वे के दौरान भौतिक और हवाई, दोनों तरह की जांच की जाएगी।

वाराणसी से सिलीगुड़ी का सफर मात्र 2 घंटे 55 मिनट में

इस परियोजना के पूरा होने के बाद वाराणसी से सिलीगुड़ी का सफर मात्र 2 घंटे 55 मिनट में पूरा किया जा सकेगा, जबकि वर्तमान में इस दूरी को तय करने में 12 से 15 घंटे तक का समय लगता है। बिहार के कई प्रमुख शहर इस कॉरिडोर से जुड़ेंगे, जिनमें बक्सर, आरा, पटना, मनेर, मोकामा, कटिहार और किशनगंज शामिल हैं।

पटना शहर से 15 से 20 किलोमीटर के दायरे में बुलेट ट्रेन स्टेशन बनाने की योजना

पटना शहर से 15 से 20 किलोमीटर के दायरे में बुलेट ट्रेन स्टेशन बनाने की योजना है। घनी आबादी वाले क्षेत्रों में एलिवेटेड ट्रैक का निर्माण किया जाएगा। सुरक्षा के लिहाज से ट्रैक को बुलेट प्रूफ ग्लास से कवर किया जाएगा, जिससे शोर और दुर्घटनाओं की आशंका कम होगी।

बुलेट ट्रेन पटना से दिल्ली यात्रा करने वालों के लिए भी एक बेहतर विकल्प बनेगी। फिलहाल हवाई मार्ग से दिल्ली पहुंचने में डेढ़ से दो घंटे लगते हैं, लेकिन कोहरे के दौरान यह समय 4 से 5 घंटे या उससे अधिक हो जाता है। बुलेट ट्रेन से पटना से दिल्ली का सफर लगभग 3 घंटे में पूरा होने का अनुमान है। विशेषज्ञों के अनुसार, विमान और बुलेट ट्रेन का किराया लगभग समान हो सकता है।

केंद्र सरकार ने देश में कुल सात हाई स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा की है, जिनमें वाराणसी–सिलीगुड़ी, दिल्ली–वाराणसी, मुंबई–पुणे, चेन्नई–बेंगलुरु, हैदराबाद–बेंगलुरु, पुणे–हैदराबाद और हैदराबाद–चेन्नई शामिल हैं। इन कॉरिडोरों से देश के 40 से 50 शहरों को जोड़ा जाएगा, जिससे यात्रा समय में भारी कमी आएगी और लोगों की सुविधा व गति दोनों में इजाफा होगा।

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