Bihar employment scheme 2026
पटना, एजेंसियां। बिहार सरकार ने राज्य के एक करोड़ युवाओं को सरकारी नौकरी और स्वरोजगार से जोड़ने की तैयारी शुरू कर दी है। विधानसभा चुनाव के दौरान एनडीए द्वारा किए गए उस वादे को पूरा करने की यह कोशिश बताई जा रही है। इसमें युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार और सरकारी नौकरियां देने का संकल्प लिया गया था। इस लक्ष्य पर काम करने के लिए विकास आयुक्त की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया जा रहा है, जो विभिन्न विभागों के साथ मिलकर नई संभावनाओं और विकल्पों पर परामर्श देगी। सरकार ने साल 2025 से 2030 के बीच एक करोड़ नए रोजगार सृजन का लक्ष्य निर्धारित किया है।
हर विभाग में एक नोडल अफसर
इस योजना को बेहतर तरीके से लागू करने के लिए राज्य के प्रत्येक विभाग में एक ‘नोडल पदाधिकारी’ की नियुक्ति करने का निर्देश दिया गया है। ये पदाधिकारी अपने विभाग के भीतर नई नौकरियों और रोजगार के अवसरों से जुड़ी तमाम जानकारियों को एकत्रित करेंगे। युवा, रोजगार एवं कौशल विभाग ने सभी विभागों के आला अधिकारियों को पत्र लिखकर कार्य योजना तैयार करने को कहा है, जिसमें विभागों को यह स्पष्ट करना होगा कि वे वर्तमान में रोजगार के किन क्षेत्रों में काम कर रहे हैं और भविष्य में किन क्षेत्रों में नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं।
स्वरोजगार को भी बढ़ावा देने का लक्ष्य
हाल ही में 12 दिसंबर को हुई उच्च स्तरीय कमेटी की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि सभी विभाग रोजगार सृजन के लिए एक विस्तृत ब्लूप्रिंट तैयार करेंगे। कृषि समेत कई विभागों में नोडल पदाधिकारियों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू भी हो चुकी है। सरकार का लक्ष्य सरकारी नौकरी के साथ-साथ कौशल विकास और स्वरोजगार के जरिए बेरोजगारी को खत्म माना जा रहा है।







