Bettiah school news: बेतिया में स्कूल में चापाकल का पानी पीते ही 12 बच्चों की तबीयत बिगड़ी

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Bettiah school news:

बेतिया, एजेंसियां। जिले के चनपटिया प्रखंड में स्थित एक प्राथमिक विद्यालय में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब कुछ बच्चों ने स्कूल परिसर में लगे चापाकल का पानी पी लिया और अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने लगी।
यह घटना भैंसही रिफ्यूजी प्राथमिक विद्यालयl में हुई, जहां पानी पीने के कुछ ही देर बाद बच्चों को उल्टी, पेट दर्द और चक्कर आने की शिकायत होने लगी। बच्चों की तबीयत बिगड़ते देख स्कूल में हड़कंप मच गया और शिक्षक व स्थानीय लोग तुरंत मदद के लिए जुट गए।

करीब 12 बच्चे हुए बीमार

प्राप्त जानकारी के अनुसार शुरुआत में चार से पांच बच्चों ने चापाकल का पानी पिया था, जिसके बाद उनकी तबीयत खराब होने लगी। कुछ देर बाद अन्य बच्चों ने भी वही पानी पी लिया और वे भी बीमार पड़ गए।
कुल मिलाकर करीब 12 बच्चे बीमार हुए हैं। इनमें पिंकी कुमारी, हिमांशु कुमार, प्रिंस कुमार, अरुण कुमार, शिवानी कुमारी, बिट्टू कुमार, साजन कुमार, सिमरन कुमारी, भोला कुमार, विशाल कुमार, कृष्णा कुमार और विकास कुमार शामिल हैं।
बच्चों की हालत बिगड़ते ही स्कूल प्रशासन ने तुरंत स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी और इलाज की व्यवस्था शुरू की।

पहले स्थानीय अस्पताल, फिर जीएमसीएच रेफर

स्थिति गंभीर होते देख सभी बच्चों को तुरंत Bhainsahi Additional Primary Health Center भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया। इसके बाद बेहतर इलाज के लिए बच्चों को एंबुलेंस से GMCH Bettiah रेफर कर दिया गया। चिकित्सकों के अनुसार फिलहाल सभी बच्चों की हालत स्थिर बताई जा रही है, लेकिन एहतियात के तौर पर उन्हें अस्पताल में निगरानी में रखा गया है।

पानी की जांच के बाद सामने आएगा कारण

सीएचसी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी Dr Pradeep Kumar ने बताया कि बच्चों की स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है। हालांकि बीमारी की असली वजह का पता पानी की जांच के बाद ही चल पाएगा। संभावना जताई जा रही है कि चापाकल का पानी दूषित हो सकता है, जिसके कारण बच्चों की तबीयत खराब हुई।

विधायक ने दिए जांच और इलाज के निर्देश

घटना की जानकारी मिलते ही Abhishek Ranjan ने जिला शिक्षा पदाधिकारी और अस्पताल प्रशासन से संपर्क किया। उन्होंने बच्चों के बेहतर इलाज और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

पानी की जांच की उठी मांग

विद्यालय की प्रधानाध्यापिका Mala Kumari ने बताया कि बच्चे रोज इसी चापाकल का पानी पीते हैं। इसलिए पानी की गुणवत्ता की जांच बेहद जरूरी हो गई है। घटना के बाद अभिभावकों और स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल है। लोगों ने प्रशासन से पानी की जांच कराने और स्कूल में सुरक्षित पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो।

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