Shubhanshu Shukla:
नई दिल्ली, एजेंसियां। भारत के अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला हाल ही में एक्सियम मिशन-4 के तहत अंतरिक्ष की यात्रा पर निकले हैं, और अपने साथ गाजर का हलवा और आम का रस भी ले गए हैं। ऐसे में लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि अंतरिक्ष में खाना कैसे होता है? क्या वहां भी वैसा ही खाना खाया जाता है जैसा हम धरती पर खाते हैं?
Shubhanshu Shukla: कैसा होता है अंतररिक्ष का खाना ?
दरअसल, अंतरिक्ष में खाना एकदम अलग तरह से तैयार और पैक किया जाता है। पहले एस्ट्रोनॉट्स सिर्फ बेबी फूड या सॉफ्ट मील्स लेते थे, लेकिन अब वे थर्मो-स्टेबलाइज्ड फूड्स खाते हैं यानी ऐसे खाद्य पदार्थ जिनमें नमी कम होती है और जो लंबे समय तक खराब नहीं होते। ये खाद्य पदार्थ रीहाइड्रेटेबल होते हैं, यानी पानी मिलाकर उन्हें खाने लायक बनाया जाता है।
एस्ट्रोनॉट्स को फल, ब्राउनी, सूखे खाद्य पदार्थ, चिकन सूप, पनीर, मैकरोनी, अंडे, श्रिम्प कॉकटेल जैसी चीजें दी जाती हैं। इन्हें स्पेशल पैकेट्स में छोटे टुकड़ों में रखा जाता है ताकि हवा में उड़ने वाले क्रम्ब्स किसी को नुकसान न पहुंचाएं या मशीनों में न घुस जाएं। हालांकि कुछ चीजें अंतरिक्ष में नहीं ले जाई जा सकतीं – जैसे ब्रेड, सूखा नमक, काली मिर्च, कार्बोनेटेड ड्रिंक्स, शराब और ताजे फल-सब्जियां, क्योंकि वे वहां की स्थितियों में अनुकूल नहीं होते।
Shubhanshu Shukla: एस्ट्रोनॉट्स की डाइट
एस्ट्रोनॉट्स की डाइट वैज्ञानिक रूप से तय होती है ताकि वजन स्थिर, मसल्स और हड्डियां मजबूत बनी रहें. चाय, कॉफी और जूस पाउडर रूप में ले जाए जाते हैं और पानी मिलाकर पिए जाते हैं. इस तरह का खाना पौष्टिक, टिकाऊ और स्पेस कंडीशन के अनुकूल होता है — घर के खाने से अलग, लेकिन पूरी तरह संतुलित।
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