परमाणु युग की शुरुआत (1938-39)

खोज: जर्मनी में एटम को तोड़ने (Fission) की तकनीक मिली । चेतावनी: अल्बर्ट आइंस्टाइन ने अमेरिका को नाजी खतरे से आगाह किया ।

अमेरिका: मैनहटन प्रोजेक्ट (1945)

मिशन: दुनिया का पहला परमाणु बम बनाने के लिए 1% GDP खर्च की । नतीजा: 1945 में 'ट्रिनिटी टेस्ट' सफल रहा और जापान पर हमला हुआ ।

सोवियत रूस: जासूसी का खेल (1949)

चोरी: रूसी जासूसों ने अमेरिकी प्रोजेक्ट से डेटा चुराया । धमाका: 1949 में कजाकिस्तान में पहला बम फोड़कर अमेरिकी एकाधिकार खत्म किया ।

ब्रिटेन: दोस्तों से धोखा (1952)

एग्रीमेंट: अमेरिका ने रिसर्च शेयर करने से मना कर दिया । जवाब: ब्रिटेन ने 1952 में 'ऑपरेशन हरीकेन' के साथ खुद को परमाणु शक्ति बनाया ।

फ्रांस: अपनी संप्रभुता (1960)

मकसद: सुपरपावर्स के दबाव से बचने के लिए खुद का डिफेंस चाहिए था । टेस्ट: 1960 में सहारा रेगिस्तान में 'जेरबोइस ब्लू' धमाका किया ।

चीन: सबसे तेज तरक्की (1964)

रिकॉर्ड: एटम बम से हाइड्रोजन बम तक सिर्फ 2.5 साल में पहुंचे । संघर्ष: रूस से मदद बंद होने के बावजूद खुद तकनीक विकसित की ।

इसराइल: रहस्यमयी ताकत (1986)

गोपनीयता: कभी स्वीकार नहीं किया, लेकिन तकनीक और प्लांट तैयार किए । खुलासा: 1986 में टेक्नीशियन मोरदेचाई वनूनू ने दुनिया को सच बताया 。

भारत: स्माइलिंग बुद्धा (1974)

शांतिपूर्ण धमाका: 1974 में राजस्थान के रेगिस्तान में पहला परीक्षण । नीति: 'नो फर्स्ट यूज़' (No First Use) का वादा किया ।

पाकिस्तान: पहाड़ों में गूँज (1998)

जुनून: भारत की बराबरी के लिए 'घास खाने' तक की कसम खाई । सफलता: डॉ. ए.क्यू. खान ने तकनीक जुटाई और 1998 में परीक्षण किए ।

त्याग और जिद (विपरीत दिशाएं)

साउथ अफ्रीका: बम बनाए लेकिन खुद ही नष्ट करने वाला इकलौता देश । उत्तर कोरिया: संधियों को तोड़कर 2006 में परमाणु क्लब में घुसा ।